छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन स्कूल सफाई कर्मचारियों के हित में बड़ी पहल, 15 वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को पूर्णकालीन दर्जा एवं कलेक्टर दर वेतन की मांग से जगी नई उम्मीद

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रायपुर/छत्तीसगढ़। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्षों से कार्यरत स्कूल सफाई कर्मचारियों के हित, सम्मान, रोजगार सुरक्षा एवं उनके परिवार के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए छ.ग. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन द्वारा लगातार शासन के समक्ष कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों को प्रमुखता से उठाया जाता रहा है। इसी क्रम में फेडरेशन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालीन करते हुए श्रमायुक्त दर/कलेक्टर दर से वेतन भुगतान किए जाने संबंधी महत्वपूर्ण ज्ञापन शासन को सौंपा गया था।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है।
क्रमांक – 01
दिनांक – 27.04.2026
विषय :
स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालीन करते हुए श्रमायुक्त दर में वेतन भुगतान किए जाने बाबत।
अतः स्कूल शिक्षा विभाग के समस्त जिला अध्यक्ष, पदाधिकारीगण, समस्त ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारीगण, समस्त संकूल अध्यक्ष, पदाधिकारीगण एवं समस्त सदस्यगण विशेष ध्यान दें कि शासन स्तर पर प्राप्त जानकारी अनुसार भृत्य पद की योग्यता के अनुरूप 5वीं, 8वीं एवं 12वीं की अंकसूची (शैक्षणिक योग्यता) के आधार पर स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालीन करते हुए कलेक्टर दर/श्रमायुक्त दर का दर्जा दिए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
प्रदेश के हजारों स्कूल सफाई कर्मचारी पिछले 10 से 15 वर्षों अथवा उससे अधिक समय से विद्यालयों में लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी अनेक कर्मचारियों को मात्र ₹3500 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। कई स्थानों पर कर्मचारियों को दो घंटे कार्य के हिसाब से मानदेय दिया जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई, कक्षाओं की स्वच्छता, शौचालयों की देखरेख, विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा बनाए रखना, बच्चों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करना तथा अन्य व्यवस्थाओं में कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल दो घंटे तक सीमित नहीं रहती।
आज के महंगाई के दौर में मात्र ₹3500 प्रतिमाह में परिवार चलाना अत्यंत कठिन हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इतने कम मानदेय में बाल-बच्चों का पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, दवा-इलाज, भोजन, कपड़े, घरेलू खर्च एवं सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना लगभग असंभव जैसी स्थिति बन गई है। कई परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और कर्मचारियों को अतिरिक्त मजदूरी या उधारी का सहारा लेना पड़ता है।
विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। विद्यालय की साफ-सफाई, बच्चों के लिए स्वच्छ वातावरण, बीमारियों की रोकथाम, परिसर की स्वच्छ व्यवस्था एवं छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में इन कर्मचारियों का सीधा योगदान रहता है। इसके बावजूद वर्षों की सेवा के बाद भी कर्मचारियों को उनके कार्य के अनुरूप सम्मानजनक वेतन नहीं मिल पाना चिंता का विषय माना जा रहा है।
ऐसे में यदि शासन द्वारा भृत्य पद की योग्यता अनुसार 5वीं, 8वीं एवं 12वीं की अंकसूची के आधार पर पूर्णकालीन दर्जा एवं कलेक्टर दर/श्रमायुक्त दर से वेतन भुगतान लागू किया जाता है, तो इससे हजारों कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। *कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी, परिवार की स्थिति बेहतर होगी, बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी और कर्मचारी सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकेंगे।*
इस विषय को लेकर छ.ग. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के प्रचार-प्रसार मंत्री एवं स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ रायपुर, छत्तीसगढ़ के *प्रदेश महामंत्री डगेश्वर पटेल लगातार कर्मचारियों की आवाज शासन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।* *कर्मचारियों के हितों को लेकर उनकी लगातार मेहनत, संघर्ष, सक्रियता एवं समर्पण की चर्चा कर्मचारियों के बीच हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि डगेश्वर पटेल की मेहनत और निरंतर प्रयासों के कारण ही आज स्कूल सफाई कर्मचारियों की मांग शासन स्तर तक पहुंची है और कर्मचारियों को अपने भविष्य के प्रति नई उम्मीद दिखाई दे रही है।*
_____*डगेश्वर पटेल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल मांग उठाना नहीं, बल्कि स्कूल सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन, आर्थिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार एवं बेहतर भविष्य दिलाना है, ताकि कोई भी कर्मचारी आर्थिक अभाव में अपना जीवन जीने को मजबूर न हो। उन्होंने कहा कि वर्षों से विद्यालयों में सेवा देने वाले कर्मचारियों को उनके कार्य के अनुरूप सम्मान एवं उचित वेतन मिलना चाहिए, जिससे वे अपने बाल-बच्चों एवं परिवार का पालन-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें।*
*उन्होंने समस्त जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, संकूल अध्यक्ष, पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण से आग्रह किया कि वे शासन एवं विभाग द्वारा जारी आगामी सूचनाओं पर विशेष ध्यान बनाए रखें। साथ ही सभी कर्मचारी अपनी 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं की अंकसूची, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, सेवा संबंधी दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रक्रिया या सत्यापन में परेशानी न हो।*
*प्रदेशभर के स्कूल सफाई कर्मचारियों में इस विषय को लेकर आशा एवं विश्वास का वातावरण बना हुआ है।* *कर्मचारियों का मानना है कि यदि यह मांग पूरी होती है, तो वर्षों की मेहनत और सेवा को सम्मान मिलेगा तथा हजारों परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगे। इससे कर्मचारी सम्मानपूर्वक अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकेंगे और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य देने में सक्षम होंगे।*
*— डगेश्वर पटेल*
*प्रचार-प्रसार मंत्री*
*छ.ग. दैनिक वेतन भोगी* *कर्मचारी फेडरेशन*
*प्रदेश महामंत्री*
*स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ रायपुर, छत्तीसगढ़*

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