जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक संपन्न – ग्रीष्मकालीन मौसमी बीमारी की रोकथाम पर की गई रायशुमारी

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दुर्ग, 26 मई 2026/ राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए सभी स्तरों पर स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारी को सशक्त करने एवं जिला स्तर पर कार्यक्रम को गति प्रदान करने हेतु ज़िला कार्यबल पर्यावरण स्वास्थ्य प्रकोष्ठ समिति की बैठक आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में ग्रीष्मकालीन मौसमी बीमारी की रोकथाम पर रायशुमारी की गई। बैठक में आई.डी.एस.पी. दुर्ग के नोडल अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे ने लू व तापघात के लक्षण और बचाव के उपाय पर विस्तार से प्रकाश डाला।

*गर्मी से संबंधित बीमारी के लक्षण -*

बेहोशी। मांसपेशियों में जकड़न। मिर्गी / दौरा पड़ना। चिड़चिड़ापन, सिर दर्द, अधिक पसीना आना। कमजोरी / चक्कर आना। सांस और दिल की धड़कन तेज होना।

*बचाव -*

पर्याप्त तरल पदार्थाे को लें। अपने आप को अच्छे से ढकें। धूप में खेलने से बचे। गाड़ी लॉक ना करे जब बच्चे गाड़ी में हों।

*प्रथामिक चिकित्सा के उपाय -*

बच्चे को तुरंत अंदर या छांव में लाएं। बच्चों के कपड़ों को जहां तक हो सके ढीला कर दे। नल के पानी से पोंछा करें या छिड़काव करें। अगर बच्चे को उल्टियां हों, तो उसे करवट के बल लिटाएं ताकि गले में कुछ ना फंसे।

*क्या करें -*

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही आपको प्यास न लगी हो। यात्रा करते समय या जब भी बाहर जायें तो पीने का पानी साथ रखें। ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओ.आर.एस.) का उपयोग करें, और घर के बने पेय जैसे नींबू पानी, छाछ / लस्सी का सेवन करें। अधिक पानी की मात्रा वाले मौसमी फल और सब्जियां खाएं जैसे-तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, ककड़ी, सलाद या अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध फल और सब्जियां। ढीले, सूती वस्त्र पहनें, कोशिश करें कि हल्के रंग के कपड़े पहनें। अपने सिर को ढकें-धूप के सीधे संपर्क में आने के दौरान छाता, टोपी, तौलिया और अन्य पारम्‍परिक टोपी/गमछा का उपयोग करें।

*क्या न करें -*

कोशिश करें कि धूप में न निकलें, खासकर दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे के बीच। दोपहर में बाहर होने पर शारीरिक और थका देने वाली गतिविधियों से बचने की कोशिश करें। चरम गर्मी के घंटों के दौरान खाना पकाने से बचें।
लू के लक्षण दिखने पर मितानिन, ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जाएँ। इस हेतु नगरीय निकाय एव शुद्ध पेयजल हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से निरंतर समन्वय बनाया जा रहा है। मितानिन व संबंधित क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पर्याप्त मात्रा में दवाईयों उपलब्ध करा दी गयी है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम चरोदा आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस, एसडीएम धमधा श्री सोनाल डेविड, एसडीएम भिलाई 3 श्री महेश राजपूत, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव, सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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