जनसमस्या निवारण शिविर के दावों की खुली पोल,जनप्रतिनिधि व अधिकारी को जानकारी बाद भी नहीं सुधरे ‘खतरनाक’ बिजली तार, घट सकती है बड़ी घटना

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पाटन/​विद्युत विभाग की लापरवाही से इंदिरा नगर के रहवासी दहशत में; जल्द निराकरण न होने पर मुख्यमंत्री और कलेक्टर से होगी शिकायत, पोल शिफ्टिंग के लिए सालो से पड़े है पोल,

​पाटन। शासन-प्रशासन द्वारा जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयोजित ‘जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर’ पाटन में महज एक औपचारिकता साबित हो रहा है। शिविर में अपनी समस्याओं का पिटारा लेकर पहुंचे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सालों से लंबित उनकी शिकायतों का अंत होगा, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति ‘जस की तस’ बनी हुई है। आलम यह है कि बिजली विभाग के जिम्मेदारों की सुस्ती अब आम जनता के पसीने छुड़ा रही है।
​घरों के ऊपर मौत का जाल, बंदरों की उछलकूद बढ़ा रही खतरा
​मामला इंदिरा नगर बस्ती का है, जहाँ घरों के ठीक बीचों-बीच से हाई वोल्टेज विद्युत लाइन गुजरी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ये तार पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और झूलकर घरों के बेहद करीब आ गए हैं।
​शॉर्ट सर्किट का डर: तारों के पास पेड़ और मकान होने के कारण आए दिन बंदर उन पर उछलकूद करते हैं, जिससे तारों के आपस में टकराने से चिंगारियाँ निकलती हैं और शॉर्ट सर्किट होता रहता है।
​5 सालों से गुहार: मोहल्ले वासियों का कहना है कि वे पिछले 5 वर्षों से जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
​शिविर में आवेदन के बाद भी शून्य कार्यवाही—
​हाल ही में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में इस गंभीर मुद्दे को लेकर विद्युत विभाग को लिखित आवेदन दिया गया था। प्रशासन ने दावा किया था कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता से निराकरण होगा। बावजूद इसके, विभाग की ओर से अब तक पोल शिफ्टिंग या तारों को दुरुस्त करने की दिशा में एक कदम भी नहीं उठाया गया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
​कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा मामला—
​विद्युत विभाग की इस बेरुखी से स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। मोहल्ले वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन जर्जर तारों और खंभों को नहीं हटाया गया, तो वे इस मामले की लिखित शिकायत सीधे कलेक्टर और मुख्यमंत्री से करेंगे। किसी भी अप्रिय दुर्घटना की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

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