भिलाई / लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (किसान प्रकोष्ठ) धर्मेन्द्र मिश्रा ने छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए किसान आयोग गठन की मांग करते हुए एक पत्रकार वार्ता में कहा कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार यदि किसानी को उद्योग का दर्जा देती है तो इससे किसानों को आर्थिक संकट नहीं होगा। उन्हें भी उद्योग की भांति हर तरह की छूट मिलेगी।
श्री मिश्रा ने छत्तीसगढ़ में किसानों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां के कृषक अपना कृषि व्यवसाय छोड़कर छोटे उद्योगों में नौकरी कर रहे हैं वहीं काम के अभाव में अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं।
पत्रकार वार्ता में उपस्थित प्रकाश कांबले एवं रंजीत कुमार तथा मुकेश वर्मा ने कहा कि यहां किसानों को जो महत्व मिलना चाहिए नहीं मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रशासन निष्क्रिय है तथा सरकार को भी कुछ लेना-देना नहीं है। उन्हें समय पर बीज खाद एवं सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं कराई जाती है।
लोजपा की महिला नेत्री हेमा वर्मा ने महिला कृषकों की दशा पर चिंता व्यक्त की एवं कहा कि असली कृषक तो महिलाएं होती हैं जो हर किसानी कार्य में अपने पति का साथ निभाती है। उन्होंने किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद,कृषि दवाई उपलब्ध कराने का भी सुझाव दी है।







