रायपुर/रायगढ़, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (01 मई 2026) के अवसर पर छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर स्कूल सफाई कर्मचारी संघ द्वारा रायगढ़ में किए गए ऐतिहासिक आंदोलन का बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों के चौतरफा दबाव के बाद अब श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संबंध में एक पत्र जारी करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश प्रेषित किए गए हैं। शासन के इस कदम से लंबे समय से संघर्ष कर रहे स्कूल सफाई कर्मचारियों की मांगों के निराकरण की संभावना बेहद मजबूत हो गई है, जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
क्या थी प्रमुख मांगें?
बता दें कि 01 मई को पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश और विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और कर्मचारी रायगढ़ पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर वित्त मंत्री के निवास का घेराव किया था और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था।
प्रमुख मांग: स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत स्कूल सफाई कर्मचारियों को अंशकालीन से पूर्णकालीन किया जाए और उन्हें श्रमायुक्त दर (Collector Rate) से वेतन का भुगतान किया जाए।
संगठन द्वारा अपनी इन मांगों को लेकर लगातार आंदोलन, रैली और ज्ञापनों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा था, जिस पर अब शासन ने संज्ञान लिया है।
एकजुटता और लंबे संघर्ष की जीत: डागेश्वर पटेल
इस बड़ी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश प्रचार-प्रसार मंत्री एवं स्कूल सफाई कर्मचारी संघ (रायपुर) के प्रदेश महामंत्री श्री डागेश्वर पटेल ने कहा:
”यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों कर्मचारियों की एकजुटता और उनके लंबे संघर्ष का परिणाम है। मजदूर दिवस पर हमारे साथियों ने जो हुंकार भरी थी, उसका सकारात्मक असर आज शासन स्तर पर देखने को मिल रहा है। इससे स्कूल सफाई कर्मचारियों को न्याय मिलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।”
श्री पटेल ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर से आए समस्त कर्मचारियों, पदाधिकारियों और सहयोगियों का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि संगठन आगे भी कर्मचारियों के जायज हकों और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए इसी तरह पूरी ताकत से संघर्ष करता रहेगा।







