पाटन |नगर पंचायत पाटन इंदिरा नगर मोहल्ले में बीते तीन दिनों से पानी की विकट समस्या खड़ी हो गई है। आलम यह है कि लोग पीने के साफ पानी के साथ-साथ निस्तारी (दैनिक कार्यों) के लिए भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी की दस्तक के बीच जल प्रदाय ठप्प होने से मोहल्लेवासियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है।
सुध लेने वाला कोई नहीं,जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान.
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मोहल्ले में स्थित बोर और हैंडपंप खराब पड़े हैं। जानकारी के बावजूद जिम्मेदार विभाग जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। स्थिति यह है कि लोगों को पानी के लिए दूर- ट्यूबवेलों का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रमुख समस्याएं जो बनी मुसीबत:
खराब बोरवेल: मुख्य जलापूर्ति वाला बोर खराब होने से पानी आना पूरी तरह बंद है।
दम तोड़ते हैंडपंप: मोहल्ले के हैंडपंपों की मरम्मत महीनों से नहीं हुई है, जिससे वे केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।
निस्तारी का संकट: पीने के पानी के अलावा नहाने-धोने और मवेशियों के लिए पानी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
”तीन दिन से घरों में सूखा पड़ा है। हम काम-काज छोड़कर सुबह से पानी की तलाश में निकल जाते हैं।
नगर पंचायत और विभाग को हमारी तकलीफ दिखाई नहीं दे रही।” > — एक पीड़ित मोहल्लेवास
प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि समस्या की जानकारी जनप्रतिनिधियों को होने के बाद भी अब तक टैंकरों के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। ‘कहाँ जाएं पानी भरने’ का सवाल अब मोहल्ले के हर घर में गूँज रहा है। यदि जल्द ही बोर की मरम्मत या टैंकरों की व्यवस्था नहीं की गई, तो नगर पंचायत मे लोग बर्तन लेकर प्रदर्शन करेंगे.







