राकेश जसपाल की रिपोर्ट —
नंदिनी अहिवारा /अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बागडूमर के सेमारिया गांव में अवैध मुरूम खनन का मामला लगातार चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में विधायक के सख्त निर्देशों और प्रशासनिक दावों के बावजूद मुरूम माफिया बेखौफ होकर रात के अंधेरे में खनन कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार दिन के समय कार्रवाई के डर से खनन नहीं किया जाता, बल्कि रात लगभग 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच जेसीबी और भारी वाहनों के माध्यम से मुरूम का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। आरोप है कि कई दिनों से यह सिलसिला जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
क्षेत्र में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रातभर चल रहे इस अवैध कारोबार की जानकारी प्रशासन और संबंधित विभागों को क्यों नहीं है? यदि जानकारी है तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी संरक्षण या मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन संभव नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अवैध खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पर्यावरण और ग्रामीण सड़कों को भी भारी क्षति पहुंच रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन सेमारिया में चल रहे कथित अवैध मुरूम खनन पर कब तक लगाम लगा पाता है और इस पूरे मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।








