औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के कर्मचारियों के लिए गौरवपूर्ण खबर है। चंडीगढ़ (पंजाब) में 12 और 13 अप्रैल 2026 को आयोजित ‘नेशनल फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट आईटीआई एम्प्लॉइज एसोसिएशन’ के राष्ट्रीय अधिवेशन में छत्तीसगढ़ के दो दिग्गज पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है।
वर्ष 2015 में गठित इस फेडरेशन के सेमिनार सह अधिवेशन में चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुई। इसमें सर्वसम्मति से निम्नलिखित नियुक्तियां की गईं:
नेशनल प्रेसिडेंट: श्री सरदार दविंदर सिंह
नेशनल जनरल सेक्रेटरी: श्री अनिल भोसले (गोवा)
नेशनल वाइस प्रेसिडेंट: श्री संतोष कुमार वर्मा (छत्तीसगढ़)
नेशनल सेक्रेटरी: श्री गजेंद्र साहू (प्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ)
अधिवेशन में देशभर के प्रतिनिधिमंडलों ने राज्यों की समस्याओं पर गहन मंथन किया। इस दौरान दो महत्वपूर्ण कमेटियों का गठन किया गया:
NCVT एक्ट कमेटी: पूरे देश में आईटीआई के लिए एक समान कानून (NCVT Act) बनाने हेतु।
ग्रेड पे एवं पदनाम कमेटी: सभी राज्यों में समान ग्रेड पे और एक जैसा पदनाम निर्धारित करने हेतु।
NCVT एक्ट से बदल जाएगी आईटीआई की सूरत
नवनियुक्त नेशनल वाइस प्रेसिडेंट संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि NCVT एक्ट लागू होने से कई वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान होगा, जैसे:
समान वेतन: 4600 ग्रेड पे की विसंगति दूर होगी और पदनामों में समानता आएगी।
कार्य दिवस: पूरे देश में ट्रेनिंग ऑवर्स एक समान होंगे, जिससे ‘5 डेज वर्किंग’ (शनिवार अवकाश) का मुद्दा हल होगा।
अनिवार्यता: DGT नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों को सभी राज्यों में लागू करना अनिवार्य हो जाएगा।
सुधार: संस्था स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा।
प्रदेश में हर्ष की लहर
छत्तीसगढ़ के दो पदाधिकारियों को राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने पर प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने खुशी जाहिर की है। बधाई देने वालों में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष पवन शर्मा, प्रदेश समन्वयक जी.आर. चंद्रा, महामंत्री विजय लहरे और मीडिया प्रभारी भानु प्रताप यादव सहित अनेक पदाधिकारी शामिल हैं।
”छत्तीसगढ़ जैसे राज्य से दो प्रतिनिधियों का राष्ट्रीय स्तर पर चुना जाना हमारे प्रदेश के आईटीआई कर्मचारियों के संघर्ष और एकजुटता की जीत है।” — संतोष कुमार वर्मा, नेशनल वाइस प्रेसिडेंट






