रायपुर/ छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर फैली अफवाहों पर राज्य सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
आपूर्ति और स्टॉक के मुख्य आंकड़े
खाद्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की वितरण व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है:
कुल पंप: प्रदेश में वर्तमान में 2,516 पेट्रोल/डीजल पंप संचालित हैं।
वर्तमान स्टॉक: राज्य में 45,474 किलोलीटर पेट्रोल और 84,654 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है।
दैनिक खपत बनाम आपूर्ति: प्रदेश में पेट्रोल की दैनिक मांग 3,635 किलोलीटर है, जबकि आज ही डिपो में 6,551 किलोलीटर प्राप्त हुआ है। इसी तरह डीजल की मांग 5,873 किलोलीटर के मुकाबले 4,760 किलोलीटर की नई खेप पहुंची है।
शहरों की स्थिति और ‘ड्राय आउट’ का कारण
सचिव ने बताया कि कुछ पंपों के ‘ड्राय आउट’ (स्टॉक खत्म होना) होने की खबरें मिली थीं, जिन्हें जल्द ही बहाल कर लिया जाएगा:”मांग में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि और पैनिक बाइंग (घबराहट में की गई खरीदी) के कारण कुछ स्थानों पर कृत्रिम अभाव की स्थिति बनी थी। ऑयल डिपो से इन पंपों को जल्द ही स्टॉक उपलब्ध करा दिया जाएगा।”
— रीना बाबासाहेब कंगाले, खाद्य सचिव
आम जनता से अपील
शासन और ऑयल कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय बना हुआ है। खाद्य सचिव ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे:
किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें।
ईंधन का अनावश्यक संग्रहण न करें।
पैनिक खरीदी से बचें, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है।
प्रशासन द्वारा वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।






