पाटन। जनकल्याण समिति पाटन के नेतृत्व में आज एसडीएम कार्यालय में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में एसडीएम लवकेश ध्रुव और जनपद पंचायत सीईओ जागेंद्र साहू के समक्ष पाटन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में मनरेगा कार्यों की स्वीकृति और प्रधानमंत्री आवास योजना में आ रही विसंगतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मनरेगा कार्यों की स्वीकृति: समिति ने सभी पंचायतों में तत्काल मनरेगा कार्य शुरू करने की मांग रखी। इस पर एसडीएम पाटन ने जानकारी दी कि वर्तमान में 71 गांवों में कार्य स्वीकृत हो चुके हैं और शेष पंचायतों में भी जल्द ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास पर आपत्ति: नोडल अधिकारियों द्वारा कई पात्र हितग्राहियों को अपात्र किए जाने पर समिति ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि इस विषय में जिला पंचायत सीईओ और अपील अधिकारी योगिता देवांगन से चर्चा कर जल्द ही कोई सकारात्मक रास्ता निकाला जाएगा।
जनपद सीईओ ने बताया कि मनरेगा का लंबित भुगतान प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही, वृद्धा, निराश्रित और विकलांग पेंशन के लिए केंद्र सरकार की राशि जारी हो चुकी है; राज्य सरकार के हिस्से की राशि भी जल्द प्राप्त होने की उम्मीद है।
”पंचायतों को भरोसे में लेकर ही प्रधानमंत्री आवास की पात्रता तय की जानी चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द हितग्राही मूलक कार्यों को गति प्रदान करे ताकि ग्रामीणों को उनका हक मिल सके।”
— युगल आडील, अध्यक्ष (जनकल्याण समिति)
बैठक में अपनी बात रखते हुए जनकल्याण समिति के अध्यक्ष युगल आडील, राकेश आदिल और अशोक साहू ने प्रशासन से पारदर्शिता की मांग की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से:
बीरेंद्र ठाकुर (सरपंच, सेमरी)
कुलदीप गायकवाड़ (सरपंच, कसही)
नरोत्तम (सरपंच, सोरम)
भूपेंद्र पहरी (सरपंच, गुजरा)
सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।









