दुर्ग, प्रदेश सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का आधार भी बन रही है। दुर्ग जिले के बघेरा ग्राम की रहने वाली कमलेश्वरी यादव की कहानी बताती है कि कैसे सरकार की एक संवेदनशील पहल, एक महिला के दृढ़ संकल्प से मिलकर पूरे परिवार और समाज की तस्वीर बदल सकती है। श्रीमती कमलेश्वरी योजना से मिलने वाली राशि का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग अपने बच्चों की शिक्षा और उनके उज्जवल भविष्य को गढ़ने में कर रही हैं, क्योंकि उनका मानना है कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जो परिवार की अगली पीढ़ी के लिए समृद्धि के द्वार खोल सकती है। घर के बजट में इस निश्चित मासिक आय के जुड़ जाने से अब वे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्कूल की फीस और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्रियों का इंतजाम बिना किसी मानसिक दबाव के कर पा रही हैं, जिससे उनके बच्चों के सपनों को भी अब एक मजबूत आधार मिल गया है। वहीं दूसरी ओर, कमलेश्वरी की यह सफलता केवल व्यक्तिगत लाभ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने इसे सामूहिक प्रगति का जरिया बनाया है। वे अपने क्षेत्र के स्व-सहायता समूह से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं और उन्होंने समूह की अन्य दीदियों को भी इस राशि के सदुपयोग के लिए प्रेरित किया है। कमलेश्वरी बताती है वे अपने समूह की महिलाओं के साथ मिलकर महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को छोटी-छोटी बचतों के माध्यम से एक कार्यशील पूंजी के रूप में उपयोग करते हुए अपने समूह के विभिन्न कार्यों और स्थानीय स्तर पर संचालित होने वाले छोटे व्यवसायों में निवेश कर रही हैं। इस सामूहिक प्रयास ने समूह की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है और गाँव की महिलाओं के बीच उद्यमिता की भावना को भी जगाया है। आज कमलेश्वरी यादव बघेरा की अन्य महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं, जो यह साबित करती हैं कि जब एक नारी आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह पूरे समाज और समूह को समृद्धि की ओर ले जाने का सामर्थ्य रखती है।।









