कोहलाटोला की बेटी प्रज्ञा वैष्णव बनीं व्यवहार न्यायाधीश, क्षेत्र में हर्ष की लहर

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कोमल वैष्णव की रिपोर्ट—–

​छुईखदान। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और जब इरादे बुलंद हों, तो सफलता कदम चूमती है। छुईखदान क्षेत्र के ग्राम कोहलाटोला की बेटी प्रज्ञा वैष्णव ने व्यवहार न्यायाधीश (Civil Judge) की परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। प्रज्ञा की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में, बल्कि पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
​प्रज्ञा वैष्णव, स्वर्गीय गंगा दास वैष्णव की पौत्री एवं प्रतिष्ठित अधिवक्ता भरत दास वैष्णव की सुपुत्री हैं। घर में कानून और न्याय के माहौल के बीच पली-बढ़ी प्रज्ञा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रज्ञा के चयन ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश में भी रहकर ऊंचे सपनों को साकार किया जा सकता है।
​कोहलाटोला को क्षेत्र का सबसे शिक्षित गांव माना जाता है, और प्रज्ञा की सफलता ने इस पहचान पर एक और मुहर लगा दी है। इस गांव की मिट्टी से निकले सैकड़ों युवा आज विभिन्न उच्च पदों पर सेवा दे रहे हैं, जिनमें
​प्रशासनिक पद: डिप्टी कलेक्टर, खाद्य निरीक्षक।
​शिक्षा एवं राजस्व: प्राचार्य, शिक्षक, पटवारी, आरआई।
​अन्य: पंचायत सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल है!
​प्रज्ञा वैष्णव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उत्तर पाटन मंडल वैष्णव समाज के अध्यक्ष चेला दास वैष्णव, सचिव कोमल वैष्णव, दिलीप वैष्णव और मनोहर दास वैष्णव सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रज्ञा आने वाले समय में क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए एक प्रेरणास्रोत (Role Model) बनेंगी।

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