भिलाई, मिनी इंडिया के रूप में विख्यात भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप स्थित पायनियर स्मारक में स्थापित राष्ट्र पुरुष, नोबेल पुरस्कार विजेता और राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से स्थानीय कलाकारों और राष्ट्रवादी संगठनों में भारी आक्रोश है।
आज सुबह समाचार माध्यमों से प्रतिमा के अपमान और उस पर आपत्तिजनक स्लोगन लिखे जाने की जानकारी मिलते ही, राष्ट्रवादी संगठन ‘सलूट तिरंगा’ और कला संस्था ‘गीत वितान कला केंद्र’ के नेतृत्व में 100 से अधिक कार्यकर्ता और सदस्य पायनियर स्मारक पर एकत्रित हुए। उपस्थित लोगों ने ‘गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ वातावरण को गुंजायमान कर दिया और प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
संगठनों की सक्रियता और दबाव के चलते पुलिस विभाग और भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। लंबी जद्दोजहद के बाद, दोपहर 3:00 बजे क्रेन के माध्यम से खंडित प्रतिमा को सुरक्षित उठाकर मैत्री बाग संधारण (Repair) के लिए स्थानांतरित किया गया। बीएसपी प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रतिमा की मरम्मत कर जल्द ही इसे उचित और सम्मानित स्थल पर पुनर्स्थापित किया जाएगा।
’सलूट तिरंगा’ के प्रदेश महामंत्री मनोज ठाकरे ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि:
”पायनियर स्मारक भिलाई के कलाकारों और योग साधकों के लिए एक पवित्र मंच है। किंतु, रात के समय यह स्थल असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। यहां शराबखोरी और अनैतिक कार्य बढ़ रहे हैं, जिस पर प्रशासन की उदासीनता दुखद है।”
इस विरोध प्रदर्शन और मांग पत्र सौंपने के दौरान मुख्य रूप से मनोज ठाकरे, गीत वितान कला केंद्र के मिथुन दास, प्रशांत क्षीरसागर, किशोर कन्नौज, शक्ति चक्रवर्ती, रचना श्रीवास्तव, मिताली दास, प्रदीप मित्रो, सुचित्रा मोहित्र, चंद्रा दीदी, डीडी रेड्डी, संगीता लहरी, जयंत बक्शी, शिबन हलदर, सरजीत घोष, संजीव कुमार, भानु जी राव, अरुण गुप्ता, सोहन वर्मा, दीप सेन और प्रभु चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।






