दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र के ग्राम कौही में शिक्षक दिवस के दिन एक बेहद दुखद घटना सामने आई, जहां हेड मास्टर की लापरवाही के कारण एक छात्र की जान चली गई। मिडिल स्कूल के हेड मास्टर ने सातवीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को नारियल लाने के लिए अपनी बाइक दी, लेकिन रास्ते में उनकी बाइक दुर्घटना का शिकार हो गई। इस हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना – शिक्षक दिवस बना मातम का दिन
मंगलवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूल में समारोह की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान हेड मास्टर ने अपनी बाइक पर सातवीं कक्षा के दो छात्रों को पास के गांव से नारियल लाने भेज दिया। हालांकि, हेड मास्टर की यह लापरवाही छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ी। गांव से थोड़ी दूरी पर ही बाइक अनियंत्रित हो गई और दुर्घटना हो गई।
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने छात्र वोमेश कुमार साहू को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे छात्र भूपेश तिवारी को गंभीर चोटें आईं और उसका इलाज दुर्ग जिला अस्पताल में चल रहा है।
बीईओ की सख्त कार्रवाई, हेड मास्टर निलंबित
घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने तुरंत संज्ञान लेते हुए हेड मास्टर को सस्पेंड करने के साथ ही, अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को पत्र लिखा गया है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, क्योंकि नाबालिग बच्चों को बाइक चलाने की अनुमति देना गंभीर अपराध है।
नाबालिगों को वाहन देने की लापरवाही
इस घटना ने एक बार फिर से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने देना कानूनन अपराध है और यह हेड मास्टर की ओर से की गई गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। शिक्षकों को छात्रों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, लेकिन इस मामले में यह जिम्मेदारी पूरी तरह से नजरअंदाज कर दी गई।
शिक्षक दिवस का जश्न मातम में बदला
जहां एक तरफ पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा था, वहीं इस गांव में यह दिन मातम में बदल गया। छात्र वोमेश कुमार की मौत ने उसके परिवार और स्कूल को सदमे में डाल दिया है। स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी है, और सभी ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर से स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। हेड मास्टर की ओर से की गई लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली और एक अन्य को जीवनभर के लिए घायल कर दिया। शिक्षा विभाग को इस घटना से सबक लेते हुए छात्रों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ानी चाहिए और ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।







