दुर्ग जिले में नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस और समाज के विभिन्न वर्गों ने एकजुट होकर की एक महत्वपूर्ण पहल , स्थानीय जनता को किया जागरूक

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दुर्ग जिले में नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस और समाज के विभिन्न वर्गों ने एकजुट होकर एक महत्वपूर्ण पहल की। थाना मोहन नगर क्षेत्र के ग्रीन चौक पर आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में, नशाखोरी के बढ़ते अपराधों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में स्थानीय जनता को जागरूक किया गया।
इस अभियान का नेतृत्व श्रीमान् जितेन्द्र शुक्ला (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने किया, जिनके निर्देशन में श्री अभिषेक झा (रापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) दुर्ग, और श्री चिराग जैन (भा.पु.से.), नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग, ने इस प्रयास को आगे बढ़ाया। थाना मोहन नगर की प्रभारी निरीक्षक नवी मोनिका पाण्डेय ने इस मुहिम का नेतृत्व किया, जिसमें नशाखोरी से संबंधित अपराधों को रोकने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक श्री चिराग जैन ने जनता को संबोधित करते हुए बताया कि नशा अपराधों की जड़ में है और इसे रोकने के लिए पुलिस के साथ-साथ आम जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने आसपास नशाखोरी को रोकने के प्रयास करेंगे, तो अपराधों पर अंकुश लगाना संभव है।
श्री सतीश ठाकुर, ट्रैफिक डीएसपी, ने नशा कर वाहन चलाने के खतरों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह न केवल नशा करने वाले व्यक्ति के जीवन के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी खतरा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहें और वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें।
महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए, थाना प्रभारी नवी मोनिका पाण्डेय ने कहा कि महिलाएं परिवार की नींव होती हैं, और उन्हें नशाखोरी से प्रभावित लोगों को जागरूक करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने नशामुक्त समाज की स्थापना में महिलाओं की विशेष भूमिका पर बल दिया।
डॉ. अजय गुप्ता ने नशे के कारण होने वाली गंभीर बीमारियों पर चर्चा की और बताया कि नशा विभिन्न प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है, जिसे नशा न करके रोका जा सकता है। वहीं, पार्षद श्री राजकुमार नारायणी ने लोगों से शांति पूर्ण माहौल की स्थापना के लिए नशे से दूर रहने की अपील की।
इस जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 100 लोगों ने भाग लिया और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अंत में, सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्त समाज बनाने के लिए शपथ दिलाई गई, जिससे दुर्ग जिले में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाए गए।

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