अंडा// बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने तथा उन्हें स्वस्थ बनाए रखने के लिए गांव-गांव में आंगनबाड़ी केंद्र सरकार द्वारा संचालित किये जा रहे हैं। इन केंद्रों पर तीन से पांच वर्ष आयु वाले बच्चों को पौष्टिक आहार देने उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल करने तथा उन्हें प्रारंभिक शिक्षा के लिए तैयार करने की महिती जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की है। लेकिन इसके उलट काम हो रहा है। बच्चों को भारी गर्मी के बीच आंगनबाड़ी केदो में हर रोज पूरे 6 घंटे गुजारने पड़ते हैं। लिहाजा मासूम बच्चों को भारी उमस और गर्मी के बीच रहना पड़ता है ।वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत केंद्रों को खुला रखने का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 तक किया गया है। इसी टाइम टेबल के आधार पर आंगनबाड़ी केंद्र अभी भी संचालित हो रहे हैं। जबकि मार्च का महीना बीत गया है। और सूर्य देव अपना रौद्र रूप दिखाने लगा है धरती तपने लगी है। ऐसे में ये मासूम बच्चे आंगनबाड़ी केदो से दोपहर 3:00 बजे छुट्टी होने पर जब अपने घरों के लिए रवाना होते हैं। तब गर्मी अपने पूरे सवाब पर रहती है घर पहुंचे तक सारे बच्चे वेदम हो जाते हैं ।छुट्टी होने पर भीषण गर्मी धूप और तपती जमीन पर चलकर बच्चे घर लौटते हैं तब इनकी दशा कैसी होती होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है ।बच्चों के पालकों ने कहा है कि अभी गर्मी का जो दौर शुरू हुआ है उससे बांके जवानों को भी थरर्आने के लिए मजबूर कर दिया है ।ऐसे में फूलों जैसे कोमल बच्चों की सेहत पर गर्मी का बड़ा विपरीत असर पड़ना लाजमी है ।बच्चों की सेहत की बेहतरीन और उनके सुपोषण का दम भरने वाला विभाग इस मामले में लापरवाह बना हुआ है और बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने पर आमदा बना हुआ है। इससे क्षेत्र के पालकों एवं माता में भारी रोष है उन्होंने विभागीय अधिकारियों और शासन प्रशासन से आंगनबाड़ी केदो के खुलने और छुट्टी के समय में परिवर्तन करने की मांग की है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा प्रतिकूल असर हो सकते हैं बीमार
बच्चों को पूरे 6 घंटे तक एक कमरे में रखने तथा तपती दोपहरी में उन्हें छुट्टी देने से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है ।डॉक्टरों के मुताबिक पूरे 6 घंटे तक बच्चे एक कमरे में रहने तथा तपती दोपहर में घर लौटने के दौरान बच्चों को सनस्ट्रोक होने व लूं लगने का ज्यादा खतरा रहता है । पालकों ने शासन प्रशासन से आग्रह किया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का खुलने का समय सुबह किया जाये। जैसे कि स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। समाचार लिखे जाने तक महिला एवं बाल विकास विभाग या शासन से समय परिवर्तन का आदेश नहीं आया है। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी शर्मा साहब ने बताया कि आदेश मिलते ही समय में परिवर्तन किया जायेगा।
वरिष्ठ पत्रकार
मो. युसूफ खान ✍????



