भाजपा के झांसे में नहीं आएंगे छत्तीसगढ़ के किसान,भूपेश सरकार ने कर्ज माफ कर जीता हैं किसानों का दिल – जनक ध्रुव

[adsforwp id="60"]

गरियाबंद:- गरियाबंद समेत पूरे छत्तीसगढ़ में चुनावी बिगुल बजना शुरू हो गया।राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारने में लगी हुई हैं। छत्तीसगढ़ में प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस के साथ कई राजनीतिक पार्टियां इस बार के विधानसभा चुनाव में अपना किस्मत आजमा रही हैं। देखा जाए तो अब तक छत्तीसगढ़ के सभी 90 विधानसभा सीटो में भाजपा या कांग्रेस का दबदबा रहा है। लेकिन इस बार नए-नए पार्टी आम आदमी,जोगी कांग्रेस,अखण्ड लोकतांत्रिक पार्टियां कांग्रेस भाजपा का समीकरण बिगाड़ सकती है। इन सभी पार्टियों ने लगभग अपना सभी प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर चुके हैं । इस बार चुनाव त्यौहारी सीजन में हो रहा है । वो भी ऐसा त्यौहार जो बिना धूम धड़क्का के सम्भव नहीं होता हैं। इसी कड़ी में गरियाबंद क्षेत्र में 2 विधानसभा में भाजपा कांग्रेस समेत सभी प्रत्याशियों के नाम फाइनल हो चुके हैं। जिसमे राजिम विधानसभा से अमितेश शुक्ला कांग्रेस,रोहित साहू भाजपा तो वही दूसरी ओर बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा से जनकराम ध्रुव कांग्रेस, गोवर्धन मांझी भाजपा एवं भाजपा से टिकट वितरण को लेकर नाराज होकर भागीरथी मांझी ने भाजपा छोड़ आम आदमी पार्टी का दामन थामा है जो की बिंद्रानवागढ़ विधानसभा आम आदमी पार्टी से दावेदार बताए जा रहे हैं। जनता कांग्रेस से अब तक दोनों विधानसभा से नाम सामने नहीं आया है। सभी पार्टियों के प्रत्याशी वादों की पोटली लेकर वोट मांगने अब घर घर दस्तक दे रहे हैं। इसी कड़ी में बिंद्रानवागढ़ विधानसभा सीट के कांग्रेस प्रत्याशी जनक ध्रुव ने कहा है कि हमारी कांग्रेस नीत भूपेश सरकार ने योजनाएं लोगों के विकास पर केन्द्रित है। हमने छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए पिछले 5 सालों में काम किया है। भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को उभारने और उसे पल्लवित करने का काम किया है। हमने छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है। कांग्रेस की नीतियां और कार्यक्रमों से लोगों को पहली बार महसूस हुआ कि यह सरकार हमारी सरकार है,यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। ध्रुव ने बिंद्रानवागढ़ विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने पर आज पत्रकारों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने आदिवासी अंचलों में भरोसा पैदा करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति अपनाई हैं। हमने लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में लगभग 4200 एकड़ अधिग्रहित भूमि आदिवासियों को वापस लौटाई। शिक्षा के क्षेत्र में बंद पड़े लगभग 300 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया। बच्चों को शिक्षा देने के लिए 16 प्रकार की भाषा-बोली को लिपिबद्ध कर उसका शब्दकोष बनाया और स्कूलों में बच्चों को स्थानीय भाषा में पढ़ा रहे हैं। ध्रुव ने कहा कि कृषि बाहुल्य छत्तीसगढ़ प्रदेश में हमारी नीतियों से अन्नदाता खुश हैं। किसानों के हित में चलाए जा रहे,कार्यक्रमों से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। खेती-किसानी कार्य में पहले किसानों को सोना-चांदी गिरवी रखना पड़ता था,आज स्थिति यह है कि हमारी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का लाभ उठाकर वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि सोना-चांदी भी खरीद रहे हैं। यही वजह है कि यहां खेती-किसानी का रकबा बढ़ा है, उत्पादन बढ़ा है और किसानों की संख्या में वृद्धि हुई है। हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की वजह से गांव-गरीब किसान खुशहाल हैं और प्रदेश की सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। ध्रुव ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने और संवारने का कार्य किया है। चंदखुरी में माता कौशल्या के मंदिर निर्माण के साथ ही सौदर्यीकरण और प्रदेश में राम वन गमन पर्यटन परिपथ को विकसित किया जा रहा है। ध्रुव ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू रहा है। यहां सभी एक दूसरे का आदर और सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों का संदेश देशभर में जाना चाहिए। इस तरह प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास को गति देते हुए लोगों के उत्थान के कार्य किए जा रहे हैं।

*कर्जमाफी कर भूपेश सरकार ने जीता हैं किसानों का दिल:-जनक ध्रुव*

आगे चर्चा में ध्रुव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसान कर्ज माफ़ी योजना की घोषणा मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल ने की थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 तारीख को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही तीन बड़े फैसले लिए थे जिसमें से एक किसानों की कर्ज माफ़ी थी। किसान कर्ज माफी योजना के तहत सरकार की 65 लाख किसानों के अल्पकालिक कृषि (फसल) ऋण को माफ़ करने की योजना थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने फैसला लिया था कि 30 नवम्बर 2018 तक जिस भी किसान ने छत्तीसगढ़ के सहकारी बैंक और ग्रामीण बैंक से कर्जा उठाया है, उनका ऋण माफ़ कर दिया जायेगा।उन्होंने बताया क‍ि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में जो याेजना बननी शुरू हुई है, वह क‍िसानों से ही बननी शुरू हुई, उन्होंने कहा क‍ि चुनाव से पहले राहुल गांधी रायपुर आए थे। उन्होंने वायदा क‍िया था क‍ि कांग्रेस सरकार बनने पर 10 द‍िनों के बाद क‍िसानों का कर्ज माफ करेंगे,इसके बाद जनमत से हमारी सरकार बनी, ये खुशी का पल था,15 साल बाद कांग्रेस की प्रदेश में सरकार बनी थी,इसकी खुशी मनाने में 10 से 15 द‍िन लगाए जा सकते थे, लेक‍िन रायपुर में राहुल गांधी को एयरपोर्ट छोड़ने के बाद भूपेश सरकार ने पहली कैब‍िनेट बैठक में क‍िसानों का कर्ज माफ करने का फैसला लि‍या,अभी तक 17 लाख क‍िसानों का 9 हजार 720 करोड़ रुपये का कर्ज माफ क‍िया जा चुका है।

*गत‍िरोध के बाद भी 2500 रुपये क्व‍िंटल में धान की खरीदी:-जनक ध्रुव*

ध्रुव ने कहा क‍ि क‍िसानों की कर्ज माफी के बाद हमारी सरकार ने धान खरीदी का अपना वायदा पूरा क‍िया। हमने 2500 रुपये क्व‍िंटल में धान खरीदी का वादा क‍िया था हालांक‍ि सरकार से इस मामले पर हमारा गत‍िरोध भी हुआ,केंद्र सरकार ने कहा क‍ि अगर समर्थन मूल्य 1800 रुपये से अध‍िक राज्य सरकार क‍िसानों से धान खरीदती है, तो केंद्र उस धान की खरीदी नहीं कर पाएगा, इसका तोड़ भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने न‍िकाला,उन्होंने बताया क‍ि मुख्यमंत्री ने क‍िसानों को 2500 रुपये क्व‍िंटल में धान खरीदने का वायदा क‍िया था, इस बात को ध्यान में रखते हुए राजीव गांधी कृषक न्याय योजना शुरू की, ज‍िसके तहत 700 रुपये क्व‍िटल क‍िसानों को बोनस के रूप में क‍िसानों को द‍िए जाते हैं। आप देखेंगे क‍ि 325 करोड़ रुपये क‍िसानों का स‍िंचाई कर्ज माफ हमने क‍िया, 11 हजार करोड़ रुपये क‍िसानों को ब‍िजली ब‍िल, पंप समेत अन्य योजना के तहत ब‍िजली ब‍िल हाफ योजना का लाभ ले रहे हैं,व्यापारी अगर 10 हैं तो क‍िसान 90 हैं। ब‍िजली की सब्स‍िडी के तौर पर भी क‍िसानों को दे रहे हैं। ध्रुव ने आगे कहा क‍ि हमारी सरकार ने बेशक क‍िसी भी सरकार को काम के ल‍िए 5 साल मि‍लते हैं, लेक‍िन हमारी सरकार को काम करने के ल‍िए साढ़े तीन साल ही म‍िले हैं और चुनाव होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा क‍ि बेशक सरकार के 5 साल पूरे हो चुके हैं, लेक‍िन डेढ़ साल कोरोना की वजह से सब बंद रहा है, लेक‍िन इसके बाद भी सरकार ने बेहतर काम क‍िया,उन्होंने कहा क‍ि भाजपा ने 2100 रुपये में धान खरीदने और 300 रुपये बोनस देने की बात कहीं थी, लेक‍िन वह नहीं कर सके,भाजपा के शाासनकाल में 18 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती थी, हमारे शासन में 32 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हाे रही है।इसी से पता लगाया जा सकता है। ये उपलब्ध‍ियां साढ़े तीन साल की है।

*भाजपा के झांसे में नहीं आएंगे छत्तीसगढ़ के किसान:- जनक ध्रुव*

कांग्रेस प्रत्याशी जनक ध्रुव का का कहना है कि कांग्रेस की भूपेश सरकार में छत्तीसगढ़ के किसानों को 2800 से 3600 रु. प्रति क्विंटल धान की क़ीमत मिलेगा। इसी को रोकने भाजपा के छत्तीसगढ़ के नेता केंद्र सरकार के माध्यम से राज्य की धान खरीदी बंद करवाना चाहते हैं। केंद्र ने राज्य से चावल लेने के कोटे में कटौती करती हैं, 86 लाख टन को घटा कर 61 लाख कर दिया। बारदाना में भी कटौती कर दिया, राज्य के भाजपा नेता इस पर राज्य की बजाय केंद्र का पक्ष ले रहे हैं। राज्य के खिलाफ झूठ बोल रहे हैं। छत्तीसगढ़ का किसान भारतीय जनता पार्टी के झूठ, भ्रम और छलावे में नहीं आने वाला है, भूपेश सरकार में छत्तीसगढ़ के किसानों को धान की कीमत वायदे से ज्यादा मिल रहा है,आगे और ज्यादा की उम्मीद भी किसानों को भूपेश सरकार से ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना की इनपुट सब्सिडी की राशि को मिलाकर पिछले खरीफ सीजन में धान का प्रतिफल छत्तीसगढ़ के किसानों को 2640 और 2660 रूपए प्रति क्विंटल मिला है जो देशभर में सर्वाधिक है। कोदो 3000 रूपए प्रति क्विंटल, कुटकी 3100 और रागी की खरीदी 3578 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर केवल छत्तीसगढ़ में ही हुई है। छत्तीसगढ़ का किसान यह मान चुका है कि कांग्रेस सरकार में आने वाले समय में धान की कीमत यह 2800 रु. से, 3600 रू. प्रति क्विंटल तक मिलेगा। भाजपा के 2183 पर भी छत्तीसढ़ के किसानों को भरोसा नहीं है, किसान यह समझ चुके हैं कि धान और किसान भारतीय जनता पार्टी के लिए केवल चुनावी लिहाज से ही जरूरी है।
15 साल रमन राज में छत्तीसगढ़ के किसानों को लगातार ठगा गया, बोनस के नाम पर वादाखिलाफ़ी की गई। चुनावी साल को छोड़कर कभी बोनस नहीं दिया गया। पीसीसी चीफ ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान यह समझ चुके हैं कि कैसे चुनाव करीब आते ही भाजपाई किसान हितैषी होने का ढोंग करने लगते हैं। रमन राज के कुशासन और वादाखिलाफी के साथ ही मोदी सरकार के झूठे वादे और जुमले भी किसानों को याद है। 2014 में वादा किया था भाजपा ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी-2 फार्मूले पर 50 प्रतिशत लाभ के साथ एमएसपी देने का, 9 साल हो गए क्या हुआ उस वादे का? 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का वादा मोदी सरकार ने किया था लेकिन किए उल्टा, कृषि की लागत 3 गुना बढ़ा दी। पोटाश की कीमत 800 से बढ़कर 1700, कीटनाशक के दाम 4 गुना तक बढ़े हैं। ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों में 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली जा रही है, कृषि उपकरणों के स्पेयर पार्ट्स में तो 28 परसेंट तक बेरहमी से जीएसटी की वसूली जा रही है। उन्होंने कहा कि यूपीए के दौरान केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार ने 2004-05 से 2013-14 के बीच धान की एमएसपी में कुल 134 प्रतिशत की वृद्धि किया था, लेकिन मोदी सरकार ने 2003-04 से लेकर खरीफ सीजन 2023-24 के लिए घोषित समर्थन मूल्य अर्थात 10वीं बार में धान के समर्थन मूल्य में कुल वृद्धि मात्र 66.64 प्रतिशत बढाया है, इसका अर्थ साफ है कि मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी सरकार में धान की एमएसपी वृद्धि दर आधे से भी कम है। भूपेश सरकार ने तो भाजपाइयों के तमाम अड़ंगेबाजी के बावजूद, बिना किसी भेदभाव के छत्तीसगढ़ के किसानों को अपने संसाधनों से इनपुट सब्सिडी दे रही है और आगे भी देगी। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार द्वारा भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए चलाई जाने वाली न्याय योजना का दूसरा उदाहरण देश में नहीं है। छत्तीसगढ़ के अन्नदाता के आशीर्वाद से पुनः भूपेश पर भरोसे की सरकार बनेगी और छत्तीसगढ़ के किसानों को उनकी उम्मीदों से ज्यादा लाभ होगा।

*भूम‍िहीन क‍िसानों को 7 हजार रुपये सालाना दे रहे-जनक ध्रुव*

पीएम क‍िसान सम्मान न‍िध‍ि और राजीव गांधी कृषक न्याय योजना के बीच फर्क बताते हुए कांग्रेस प्रत्याशी जनक ध्रुव ने कहा क‍ि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार धान की खरीदी पर बोनस के रूप में राजीव गांधी कृषक न्याय योजना के तहत प्रत‍ि क्व‍िंटल 700 रुपये का बोनस देती है, जबक‍ि केंद्र सरकार की पीएम क‍िसान सम्मान न‍िध‍ि योजना अलग है। वहीं उन्होंने आगे कहा क‍ि पीएम क‍िसान सम्मान न‍िध‍ि में 6 हजार रुपये सालाना द‍िया जाता है, लेक‍िन छत्तीसगढ़ सरकार सालाना 7 हजार रुपये भूमि‍हीन क‍िसानों को दे रही है. ये राश‍ि एक ड‍िसीमल से कम जमीन वाले कि‍सानों को दी जाती है।

*केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ करते रही सौतेला व्यवहार- जनक ध्रुव*:- जनक ध्रुव ने आगे कहा कि भाजपा भावनात्मक शोषण करती है,गाय और राम के नाम पर वोट मांगती हैं, लेकिन गाय की सेवा नहीं करते हैं।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से राम मंदिर बन रहा है। हम गौमाता की सेवा कर रहे हैं, राम हमारा भांजा है। हमारे राम आदिवासियों के ही नही सबके राम भी हैं। हमारे राम हैं,वो सबरी के राम हैं। हमारे राम कौशल्या के राम हैं।हम राम को साकार रूप में हो या निराकार रूप में हो, दोनों में मानने वालों में से हैं। राम सर्वव्यापी हैं,हम उनको पूजते हैं,उनके नाम से वोट नहीं मांगते हैं। वर्तमान केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

Leave a Comment