कुदरत का करिश्मा जिस बेटी को मुर्दा समझ कर दिया अंतिम संस्कार तीन साल बाद वही बेटी जिंदा मिली नंदनी पुलिस ने मिलवाया परिजनों से
————–****************
अंडा / अब ये कुदरत का करिश्मा नहीं तो और क्या है जिस बेटी का अंतिम संस्कार मां और उसके परिवार ने कर दिया था । वही बेटी आज अपनी मां को गले लगाकर मां और बेटी रोते नजर आई रोते हुए मां ने कहा कि मुझे माफ करना बेटी मुझे लगा कि तुम इस दुनिया में नहीं हो।
थाना नंदिनी नगर के टीआई ने बताया कि 112 टीम को एक युवती दौड़ते हुए नजर आई जिसके पीछे एक युवक भी दौड़ रहा था । जिसे देखकर 112 की टीम ने युवती को रोककर उनसे पूछताछ किया। इसके बाद युवती ने बताया कि मैं इन लोगों के साथ नहीं रहना चाहती हूं जिसके बाद थाना नंदिनी नगर से 30 सितंबर को चिकित्सा मुलाइजा उपरांत पीड़िता को अस्थाई आश्रम हेतु सखी सेंटर दुर्ग में लाया गया । सखी सेंटर की अंवति साहू ने बताया कि पीड़िता का परामर्श करने पर जानकारी मिली कि जनवरी 2020 से घर से निकल गई और ट्रेन में बैठकर डोंगरगढ़ पहुंची जहां अनजान परिवार के साथ भिलाई जामुल में आकर रहने लगी पीड़िता का फोटो एवं जानकारी उसके द्वारा बताएं पते अनुसार संबंधित थाना तखतपुर जिला बिलासपुर भेजी गई । जहां पीड़िता का गुमसुदगी दर्ज किया गया था । इसके बाद पीड़िता की मां और उनके चाचा 3 सितंबर को सखी सेंटर दुर्ग पहुंचे सखी सेंटर से 3 सितंबर को पीड़िता की मां द्वारा जानकारी दी गई कि पीड़िता लगभग 3 वर्ष पूर्व अपने पिताजी की मृत्यु के सदमे में मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण घर से निकल गई थी जिसका गुमशुदगी 3 वर्ष पूर्व 2020 में थाना तखतपुर में दर्ज किया गया है। कोविड काल के समय एक युवती का शव मिला था ।और शव का पहचान कर पीड़िता समझ कर अंतिम संस्कार कर दिया । पर घर वालों द्वारा भी पीड़िता कां शव समझ लिया गया था। सखी द्वारा जब पीड़िता की जानकारी परिवार वालों को दी तो एकाएक उनको विश्वास ही नहीं हुआ कि जिस व्यक्ति को उन्होंने मृत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था ।वह आज जिंदा है सखी द्वारा पीड़िता को सुरक्षार्थ उनके माता-पिता के सुपुर्द दिया गया। पीड़िता युवती उसकी मां और चाचा ने सखी परिवार और नंदनी थाना की पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी हमारे लिए भगवान है ।जो मुझे अपनी बेटी से मिलवा दिया ।









