परिवर्तन यात्रा के पहले उड़ी प्रोटोकॉल की धज्जियाँ, संगठन प्रमुखो व जिलाध्यक्ष का फोटो लगाना भूले, पार्टी का अंदरूनी मामला या हुई भूल, मामले सुलझाने जुटे आलाकमान

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बालोद
आज चंहुओर चुनावी समर है वंही भाजपा के परिवर्तन यात्रा के पहले बालोद में दिखा पोस्टर वार, बालोद में होने वाली आयोजन में भाजपा के जिलाध्यक्ष का फोटो पोस्टरों में नही दिखना या नही होना पूरे बालोद में चर्चा का विषय बना हुआ है । इतनी बड़ी आयोजन और वँहा जिलाध्यक्ष का फोटो पोस्टर में नही दर्शना क्या भाजपा के लिए सही है, क्या यही सब से भाजपा आगामी चुनाव में नैया पार लगा सकेगी। बालोद के इस पोस्टर मामले से कार्यकताओं में संशय है, आखिर ये सब कैसे हुआ ,क्या ये जानबूझकर किया गया। दूसरे मायने में लोगो के अनुसार पोस्टर बनवाने,लगाने वालों के अपने निजी मत हो सकते है बताया जा रहा है। लेकिन राजनीतिक कार्यक्रमों में के ज्यादातर फ्लेक्स,पोस्टर में प्रदेश, जिला,व स्थानीय पदाधिकारियों के फोटो अनिवार्यता किया गया है , फिर भी बालोद जिलाध्यक्ष का फोटो न होना चुनावी समर के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है, राजनीतिक प्रोटोकाल के अनुसार हर राजनीतिक दलों के आयोजनों में जिलाध्यक्ष का नाम फोटो अनिवार्यता रखी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा द्वारा
पूरे छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा परिवर्तन यात्रा निकाली गई है जो कि 15 सितंबर को यह यात्रा बालोद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र में पहुंचेगी इसके लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा विशेष तैयारी की जा रही है पूरे शहर में बैनर पोस्टर एवं आयोजन स्थल पर भी तैयारी की जा रही है परंतु एक तरफ परिवर्तन की उम्मीद लिए भारतीय जनता पार्टी आगे बढ़ रही है तो दूसरी ओर परिवर्तन के साथ-साथ पोस्टर विवाद , बालोद में होने वाली परिवर्तन यात्रा के लिए लगाए ज्यादातर पोस्टर में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार की तस्वीर गायब है और जिले के लगभग पूर्व विधायकों को तस्वीरें गायब है,यूं कहें तो बालोद की भाजपा की राजनीति में पोस्टर वार छिड़ा हुआ है।

पोस्टर लगाने वालों को समझना चाहिए – प्रीतम साहू

संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रीतम साहू ने पूरे मामले पर पोस्टर लगाने वाले लोगों को समझदार बनने की हिदायत दे डाली मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गुटबाजी जैसा कोई विषय नहीं है चुनाव के समय सब चलता है जब पूछा गया कि सारे पोस्टर से जिला अध्यक्ष का फोटो गायब है तो उन्होंने कहा कि यह संगठन का मामला है फिर हमने पूछा कि बाकी लोग क्या संगठन से बाहर हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्ट लगाने वालों को खुद समझना चाहिए हम इसमें क्या बोल सकते हैं पूरे मामले पर वह खुद को अलग करते हुए नजर आए और कहा कि व्यक्तिगत पोस्टर में मैं कुछ नहीं बोल सकता।

सबका अपना विवेक

पूरे मामले में परिवर्तन यात्रा कार्यक्रम के प्रभारी राकेश यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सबका अपना-अपना विवेक है सब व्यक्तिगत रूप से बैनर पोस्टर लगा रहे हैं जिनको जो पसंद है उनकी तस्वीर लगाई जा रही है और यह पार्टी का विषय नहीं है सब व्यक्तिगत रूप से बैनर पोस्टर लगवा रहे हैं इसमें हम कुछ नहीं बोल सकते।

ऐसे में कैसे होगा परिवर्तन

एक तरफ परिवर्तन यात्रा के माध्यम से भाजपा प्रदेश में सत्ता बनाने निकली हुई है प्रत्येक विधानसभा को जोड़-जोड़ कर ही सरकार का निर्माण होता है ऐसे में विधानसभा स्तर पर जिला स्तर पर गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है जिस पार्टी में नेता ही एकजुट नहीं है वह आम जनता को किन वादों के साथ अपने साथ मिलाएगी सब व्यक्तिगत रूप से बैनर पोस्टर लगा रहे हैं तो यहां पर संगठन में काम करने वाले नेताओं के बैनर पोस्टर लगभग ना के बराबर दिख रहे हैं वैसे तो पद लिखवाने के नाम पर सभी की गाड़ियों में पदनाम चिपके होते हैं परंतु जब विषय संगठन का हो तब यह तथा कथित पदाधिकारी आयोजन से खुद को कोसों दूर कर लेते हैं।

संगठन के नीचे हम सब

पूरे मामले में डोडी लोहारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा से घोषित प्रत्याशी देवलाल ठाकुर ने पूरे मामले पर कहा की संगठन के नीचे हम सब हैं और संगठन का महत्व सभी को समझना चाहिए उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर मैं परिवर्तन यात्रा के प्रभारी से बात करूंगा पहले तो देवलाल ठाकुर जी कह रहे थे की विजय संकल्प लेना है सभी को फिर जब उन्हें पोस्टर वार के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा नहीं सभी को एकजुट होकर चलना चाहिए। यहां तक कि अल्पसंख्यक मोर्चा के बैनर पोस्टर में भी संगठन प्रमुखों के तस्वीरें गायब हैं।

जिलाध्यक्ष के करीबी पोस्टर में पिछे

संगठन से कोसों दूर रहकर राजनीति कर रहे भारतीय जनता पार्टी के टीम के सदस्यों ने पूरे शहर को पोस्ट से पाट दिया है वहीं एक तरफ जिला अध्यक्ष के करीबी बताकर संगठन में अपनी रोटी सेकने वाले दर्जन भर कार्यकर्ताओं के बैनर पोस्टर ही शहर में देखने को नहीं मिल रहे हैं दिनभर कार्यालय में समय व्यतीत करने वाले तथाकथित नेता भी पोस्ट लगाने में कोसों दूर नजर आ रहे हैं चेहरा चमकाने की जुगत तो चल रही है पर जिला अध्यक्ष एवं उनकी टीम इस बार पूरे मसले में कोसों दूर नजर आ रही है यहां तक की संगठन के बने हुए मोर्चा प्रमुखों ने भी बैनर पोस्टर लगाने में अपने पैर खींच लिए हैं।

पार्टी संबंधित पोस्ट में जिला अध्यक्ष का फोटो अनिवार्य

पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रभारी मधुसूदन यादव ने दो टूक कही है कि पैसा चाहे कोई भी लगाए फोटो किसी का भी बड़ा हो छोटा हो पार्टी के प्रोटोकॉल का ध्यान रखना चाहिए यदि कोई भी पोस्ट पार्टी से संबंधित है भारतीय जनता पार्टी को उसमें नाम है उसमें विषय है तो उसमें जिला अध्यक्ष का फोटो लगना अनिवार्य है वह जिले का सर्वे सर्वा होता है उसके बिना संगठन अधूरा है मैं इस मामले को संज्ञान में ले रहा हूं और सबसे इस विषय को लेकर चर्चा करूंगा।

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