सफलता की कहानी – जिले में केले की वाणिज्यिक फसल से किसान हो रहे समृद्ध

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शासन की योजनाओं से प्रेरित होकर जिले के किसानों में धान के बदले उद्यानिकी फसलों की ओर रूझान बढ़ रहा है। जिससे जिले में केले एवं अन्य वाणिज्यिक फसल से किसान समृद्ध हो रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम सेमरिया के किसान उत्तमेश साहू ने बताया कि वे पहले धान की फसल लेते थे। किंतु लागत के अनुपात में आय कम होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा था, फिर उन्हें उद्यान विभाग के अधिकारियों से संपर्क हुआ। तब विभाग के अधिकारियों ने उन्हें विभाग में संचालित योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिसके फलस्वरुप उन्होने केले की फसल लगाने की सोची और केले की फसल ने उनकी जिंदगी ही बदल डाली। उन्होंने जी-9 वेरायटी का केला लगाया है। यह वेरायटी जिले की जलवायु के अनुकूल है। केले की उत्पादन से उनके आय में तीन से चार गुना की वृद्धि हो गई और वे केलों को शिवरीनारायण, बिलासपुर और आसपास के मार्केट में बेंच रहे हैं। जिसकी आय से उनकी आर्थिक स्थिति में बहुत सुधार आया। वे अभी तक केले की फसल से 2 लाख 80 हजार का लाभ प्राप्तकर चुके हैं। अब वे आसपास के किसानों को भी धान के स्थान पर अन्य फसल लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। किसान उत्तमेश के पास लगभग डेढ़ हेक्टेयर खेती का रकबा है, जिसमें वह आधे हेक्टेयर में केले की फसल ले रहे हैं। उनकी सफलता से प्रभावित होकर आसपास के बहुत से कृषक भी केले की फसल लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं और उनसे फसल की जानकारी के लिए संपर्क भी करते हैं।

जांजगीर चांपा से दुर्गेश यादव की रिपोर्ट

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