भिलाई। दुर्ग सांसद विजय बघेल के अथक प्रयासों से भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के लिए 193 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इस घोषणा के बाद से बीएसपी कर्मचारियों और उनके परिजनों में हर्ष की लहर है और भविष्य के प्रति एक नई उम्मीद जगी है। इस निवेश से जहां प्लांट के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, वहीं अब कर्मचारियों ने सेक्टर-9 अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं को आधुनिक बनाने की पुरजोर मांग की है।
भिलाई स्टील प्लांट की जीवनरेखा माने जाने वाले सेक्टर-9 अस्पताल में वर्तमान में रेडियोलॉजी विभाग की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि अस्पताल की मुख्य 128 स्लाइस हिताची सीटी मशीन तकनीकी खराबी के कारण अक्सर बंद रहती है।
इस मशीन के बार-बार खराब होने से मरीजों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण जांचों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है:
कार्डियक एंजियोग्राफी (हृदय संबंधी जांच)
पलमोनरी एंजियोग्राफी (फेफड़ों की धमनियों की जांच)
पेरीफेरल एंजियोग्राफी
वर्तमान में ये सभी उच्च-स्तरीय जांचें बाधित हैं। हालांकि न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के सीटी स्कैन से रूटीन जांचें की जा रही हैं, लेकिन वहां एंजियोग्राफी जैसी जटिल प्रक्रियाएं संभव नहीं हैं।
सांसद से नई मशीन की गुहार
बीएसपी के कर्मचारियों और मरीजों ने सांसद विजय बघेल से विशेष निवेदन किया है कि स्वीकृत बजट के माध्यम से सेक्टर-9 अस्पताल के लिए एक नई अत्याधुनिक 128 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराई जाए। संबंधित कर्मचारीयों ने कहा की
”हमें सांसद महोदय पर पूरा भरोसा है कि जिस तरह उन्होंने 193 करोड़ का प्रावधान कराया है, वे हमारी स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता देंगे। एक नई और विश्वसनीय सीटी मशीन आने से मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और समय पर इलाज मिल सकेगा।”
इस नई मशीन की स्थापना से न केवल गंभीर बीमारियों का सटीक निदान होगा, बल्कि सेक्टर-9 अस्पताल एक बार फिर मध्य भारत के बेहतरीन चिकित्सा केंद्रों में अपनी पहचान सुदृढ़ कर सकेगा।







