पाटन की गलियों में ‘मौत’ की रफ़्तार: फटाखा फोड़ती बाइकों से आमजन दहशत मे , चेकिंग, धरपकड़ नहीं होने से बेखौफ दौड़ रहे हाइस्पीड बाईक

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​पाटन, पाटन की शांत गलियां इन दिनों बुलेट और स्पोर्ट्स बाइकों के कानफोड़ू धमाकों से दहल रही हैं। शहर के हृदय स्थल से लेकर रिहायशी इलाकों तक, रफ़्तार के शौकीन युवक न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि राहगीरों और बुजुर्गों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं।

​साइलेंसर नहीं, ये तो ‘बम’ हैं
​आय दिन देखने को मिलता है की कई युवकों ने अपनी बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा रखे हैं। जब ये गाड़ियां गलियों से गुजरती हैं, तो अचानक होने वाले ‘फटाखे’ जैसे धमाकों से हृदय रोगी और छोटे बच्चे बुरी तरह सहम जाते हैं। आलम यह है कि लोग अब अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डरने लगे हैं।

​हाई स्पीड का कहर, संकरी गलियों में 60 से 80 की रफ़्तार से दौड़ती गाड़ियां किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही हैं।
इन पर ​कानून का खौफ शून्य है.न तो इन युवकों को जुर्माने का डर है और न ही पुलिस की कार्रवाई का। पाटन की मुख्य सड़कों पर इन ‘स्टंटबाजों’ का तेजरफ्तार बाईक चलते देखा जा सकता है है।
​अस्पताल और स्कूल के पास भी शोर: साइलेंस जोन होने के बावजूद इन क्षेत्रों में भी शोर पर कोई लगाम नहीं है।
​”ये सिर्फ शोर नहीं, बल्कि सरेआम गुंडागर्दी है। अचानक होने वाले धमाके से बाइक के पास चल रहे दूसरे वाहन चालक अपना संतुलन खो सकते हैं। पुलिस को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए.
​ इन बेलगाम बाइकर्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। मॉडिफाइड साइलेंसर और गाड़ियों को सीधे जब्त करने जैसी कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान बन सकती है।

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