बजट 2026-27: ‘विकसित भारत’ की ओर सुदृढ़ कदम, बुनकरों और ग्रामोद्योग के लिए खुले प्रगति के द्वार

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पाटन, केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को नगर पंचायत पाटन के अध्यक्ष योगेश निक्की भाले ने ऐतिहासिक और जनहितकारी बताया है। उन्होंने इस बजट का स्वागत करते हुए इसे “सर्वजन सुखाय, बहुजन हिताय” की परिकल्पना को साकार करने वाला दस्तावेज़ करार दिया।
श्री भाले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कुशल प्रबंधन में तैयार यह बजट समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) के सशक्तिकरण पर केंद्रित है.

बजट की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए योगेश निक्की भाले ने बताया कि इस वर्ष “महात्मा गांधी ग्राम स्वराज अभियान” की शुरुआत एक क्रांतिकारी कदम है।
हथकरघा और खादी: इस योजना से खादी, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।

बुनकर और उद्यमी, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) पहल के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और बुनकरों को वैश्विक बाजार (Global Market) से जोड़ा जाएगा।
ब्रांडिंग: स्वदेशी उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

प्रमुख योजनाएं और आर्थिक प्रावधान
नगर पंचायत अध्यक्ष ने बजट के तकनीकी और सामाजिक पहलुओं को साझा करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं को महत्वपूर्ण बताया

क्षेत्र प्रमुख घोषणाएं—–
ग्रामीण विकास महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का शुभारंभ; 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास।
MSME व उद्योग इलेक्‍ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ का प्रावधान; TREDS के जरिए MSME को 7 लाख करोड़ की फंडिंग।
तकनीक व निवेश इंडिया सेमिकंडक्‍टर मिशन (ISM) 2.0 का आगाज; बहुभाषीय AI टूल का विकास।
महिला व दिव्यांग महिलाओं के लिए SHE-मार्टस; दिव्यांगजन कौशल एवं सहारा योजना की शुरुआत।
राज्यों को लाभ 16वें वित्त आयोग की सिफारिश पर राज्यों को 14 लाख करोड़ का आवंटन (41% हिस्सेदारी बरकरार)।
टैक्स राहत तेंदूपत्ता उद्योग के लिए TCS दर 5% से घटाकर 2% की गई।

राज्यों को मजबूती और मेडिकल टूरिज्म पर जोर—

श्री भाले ने बताया कि केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को मानते हुए राज्यों की हिस्सेदारी 41% बरकरार रखी है, जिसके तहत राज्यों को 14 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। साथ ही, भारत को दुनिया का ‘मेडिकल टूरिज्म हब’ बनाने के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित करने का निर्णय भी सराहनीय है।

“विकसित भारत 2047” का संकल्प

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार 9वीं बार बजट पेश कर इतिहास रचने पर बधाई देते हुए योगेश निक्की भाले ने कहा, “यह बजट केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का एक सुदृढ़ रोडमैप है। इसमें किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं की अपेक्षाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।”
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि अमृत सरोवर विकास और राष्ट्रीय फाइबर योजना जैसे कदम देश के बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भरता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।

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