विमल थापा भिलाई की रिपोर्ट –
नंदिनी-अहिवारा, शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी का अभियान अपने अंतिम पड़ाव पर है। नंदिनी-अहिवारा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धान खरीदी केंद्र अहेरी में लगभग सभी पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी संपन्न कर ली गई है। हालांकि, केंद्र में धान का अंबार तो लग गया है, लेकिन उठाव की गति धीमी होने के कारण समिति प्रबंधन और किसानों के बीच चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
वजन घटने का सता रहा डर–
अहेरी समिति के अध्यक्ष ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि धान की खरीदी तो सुचारू रूप से कर ली गई है, लेकिन असली चुनौती अब शुरू हुई है। धान के खुले आसमान के नीचे रखे होने और समय पर मिलर्स द्वारा उठाव न किए जाने के कारण सुखत (Moisture Loss) की समस्या पैदा हो रही है।
“धान को अधिक समय तक केंद्र में रखने से उसके वजन में प्राकृतिक रूप से कमी आती है। यदि जल्द से जल्द परिवहन (डीओ) नहीं काटा गया और उठाव शुरू नहीं हुआ, तो वजन में आने वाली इस कमी का सीधा खामियाजा समिति को भुगतना पड़ेगा।” ( समिति अध्यक्ष, अहेरी )
असमंजस की स्थिति में प्रबंधन—-आज खरीदी का अंतिम दिन होने के कारण केंद्रों में आवक तो थम जाएगी, लेकिन मिलिंग के लिए धान का उठाव न होना एक बड़ी तकनीकी और आर्थिक समस्या बनता जा रहा है। समिति सदस्यों का कहना है कि
भारी मात्रा में रखे धान की सुरक्षा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
यदि अचानक मौसम बदलता है या बेमौसम बारिश होती है, तो खुले में रखे धान के खराब होने का खतरा बना रहता है।
समितियों का कहना है कि प्रशासन को उठाव की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए ताकि केंद्रों को जल्द खाली किया जा सके।
अहेरी सहित आसपास के उपकेंद्रों में धान का स्टॉक जमा है। समिति प्रबंधन ने शासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि परिवहन के लिए जल्द से जल्द वाहनों की व्यवस्था की जाए और मिलर्स को उठाव के निर्देश दिए जाएं, ताकि धान के वजन और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित होने से बचाया जा सके।










