विमल थापा भिलाई——
भिलाई, बीएसपी, एससी/एसटी एम्पलाइज एसोसिएशन भिलाई द्वारा सेक्टर-6 स्थित अम्बेडकर प्रेरणा स्थल में प्रमुख भारतीय समाज सुधारक और देश की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका व क्रांतिकारी फातिमा शेख की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कोमल प्रसाद एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा फातिमा शेख के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज सुधार में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
अपने संबोधन में अध्यक्ष कोमल प्रसाद ने फातिमा शेख के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा:
”फातिमा शेख ने 19वीं सदी में उस दौर में महिलाओं, दलितों और पिछड़ों की शिक्षा के लिए क्रांतिकारी कार्य किए, जब महिलाओं का पढ़ना पाप माना जाता था। उन्होंने समाज के कड़े विरोध, अपमान और पत्थरों का सामना किया, लेकिन अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।”
उन्होंने आगे बताया कि जब ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को लड़कियों को शिक्षित करने के कारण उनके परिवार ने घर से निकाल दिया था, तब फातिमा शेख और उनके भाई उस्मान शेख ने उन्हें अपने घर में शरण दी। इसी घर से 1848 में भारत का पहला बालिका विद्यालय शुरू हुआ। फातिमा शेख और सावित्रीबाई फुले ने साथ मिलकर अमेरिकी मिशनरी सिंथिया फर्रार के स्कूल से शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
वक्ताओं ने बताया कि फातिमा शेख ‘सत्यशोधक समाज’ आंदोलन की सक्रिय सदस्य थीं। उन्होंने घर-घर जाकर पिछड़े समुदायों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम को सविता मेश्राम (पूर्व अध्यक्ष, भारतीय बौद्ध महासभा भिलाई), अनिल साखरे और एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश सूर्यवंशी ने भी संबोधित किया।
उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य उपस्थित रहे:
कोषाध्यक्ष: अनिल खेलवार
सदस्य: संजय मेश्राम, धनंजय मेश्राम, कमल मेश्राम, लता लवादे, केशव लवादे, जितेंद्र कुमार भारती, कालिदास बघेल और हेमंत कुमार ठाकुर।
कार्यक्रम का सफल संचालन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विजय कुमार रात्रे द्वारा किया गया।







