छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड

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रायपुर, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मार्गदर्शन में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिले धमतरी, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने नवाचार आधारित कृषि विकास पर मिली इस अवार्ड के लिए तीनों जिले के साथ प्रदेश के विभिन्न कृषि क्षेत्र के विकास में योगदान देने वालों को बधाई दी है l

भारतीय कृषि का “ऑस्कर” अवार्ड
कृषि जागरण संस्था एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संयुक्त तत्वाधान में 7 से 9 दिसंबर तक नई दिल्ली स्थित आईएआरआई, पूसा मैदान में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवॉर्ड को भारतीय कृषि का “ऑस्कर” भी कहा जाता है।

वन मंत्री कश्यप ने तीनों जिलों को बधाई देते हुए कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से आदिवासी अंचलों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यह उपलब्धि राज्य के किसानों और महिला समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं किसानों और महिला स्व- सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बना रही हैं। भविष्य में भी औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण को और विस्तार दिया जाएगा।Starlink सेवा
औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा स्टॉल के माध्यम से राज्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वैद्यों ने जड़ी-बूटियों के माध्यम से देश-विदेश से आए लोगों को पारंपरिक उपचार पद्धतियों की जानकारी और परामर्श प्रदान किया। बोर्ड का स्टॉल कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा।

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