सांकरा (जोंक)–प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा रक्षाबंधन पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । बसना सेवाकेंद्र संचालिका ब्रम्हाकुमारी प्रीति दीदी एवं सांकरा सेवाकेंद्र संचालिका ब्रम्हाकुमारी योगेश्वरी दीदी जी ने सभी को रक्षासूत्र बांधा, तिलक लगाया ,मिठाई खिलाई,निःशुल्क सात दिवसीय तनाव मुक्त राजयोग मेडिटेशन कोर्स(दिनांक 21/08/24 से 27/08/24 तक)करने का ईश्वरीय निमंत्रण दिया 
एवं रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा-यह पर्व भाई और बहन के पवित्र सम्बन्ध को दर्शाता है जिसमें बहन अपने भाई को रक्षासूत्र बांधती है और उसके उज्जवल भविष्य की कामना करती है और भाई अपनी जान की बाजी लगाकर बहन की आन की रक्षा की प्रतिज्ञा करता है। इसके अलावा यह पर्व आत्मा और परमपिता परमात्मा के अलौकिक सम्बन्ध का भी पर्व है।जब कलयुग अपने अन्तिम घड़ी पर खड़ा होता है,संसार महापरिवर्तन के दौर से गुज़र रहा होता है ,इस धरा की दैवी गुणों वाली आत्माएं जन्म मरण का चक्कर लगा-लगाकर अपनी शान्ति पवित्रता और अपने मूल स्वरूप को खो चुकी होती है और पांच विकारों काम, क्रोध,लोभ,मोह,अहंकार रूपी दलदल में डूब चुकी होती है तब ज्ञानसागर,पवित्रता के सागर,निराकार ज्योति बिन्दु स्वरूप परमात्मा शिव इस धरा के भारत भूमि माउंट आबू पर अवतरित होकर और एक साधारण मानव को अपना माध्यम बनाकर इस संसार की हर आत्माओं को सच्ची सच्ची पवित्रता की राखी बांधते ,पांच विकारों से मुक्ति दिलाते और सच्चा रक्षाबंधन का अर्थ समझाते और पुनः स्वर्णिम युग सतयुग की कलम लगाते है ।अन्त में ब्रह्माकुमारी योगेश्वरी बहन ने राजयोग मेडिटेशन से शान्ति की अनुभूति कराई । इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी प्रीति दीदी , ब्रह्मकुमारी कुसुम दीदी ,सांसद प्रतिनिधि सतपाल सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक भ्राता ओमप्रकाश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।







