कसही में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन की कथा अहंकार मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है, पंडित वासू मोहन दुबे

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पाटन। ग्राम कसही में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को प्रवचनकर्ता पंडित वासू मोहन दुबे ने सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, कपिलेश्वर अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में भागवत महापुराण से बढ़कर कोई अमृत नहीं है। एक तरफ अमृत और एक तरफ कथा रखें तो भवसागर से मुक्ति का भागवत कथा एक साधन है, इसलिए हर व्यक्ति को भागवत कथा का रसपान करना चाहिए। राजा परीक्षित ने अमृत को ठुकरा दिया और सिर्फ भागवत कथा को अपनाया। इस दुनिया में उपनिषद और पुराण एक तरफ और एक तरफ भागवत महापुराण, इससे बढ़कर कोई अमृत नहीं हो सकता।

ब्रह्माजी ने एक तरफ सारे उपनिषद पुराण को रख दिया तो एक तरफ भागवत महापुराण को रख दिया। कथाचार्य ने कहा कई लोग कहते हैं कि गुरु बनाने से क्या लाभ होता है। गुरु के द्वारा जो मंत्र दिया जाता है उसका पालन और विश्वास करें, तो जीवन का कल्याण हो जाएगा। जैसे जब तक बंदूक में गोली ना हो उस बंदूक का कोई महत्व नहीं रहता। उसी प्रकार जीवन में भी बिना गुरु के आपका कोई महत्व नहीं है।

इसलिए अपना एक गुरु जरूर बनाएं, गुरु आपको सत्य मार्ग पर ले जाएगा। कथा सुनते समय भगवान पर रखें। उन्होंने कहायदि आप इस भागवत कथा में बैठे हैं और आपको भगवान के प्रति विश्वास और आस्था नहीं है तो आप के बैठने का कोई औचित्य ही नहीं है। अपने मन को एकाग्र करके रखें। जीवन में राम के दो शब्द ही आपके जीवन को भवसागर से पार लगा सकता। उन्होंने कहा की कभी भी अपने पद का अभिमान नहीं करना चाहिए। अहंकार मनुष्य को पाप की ओर ले जाता है। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण और अनुसरण मनुष्य को मोक्ष प्राप्ति का रास्ता प्रशस्त कराती है। इसके जरिए मनुष्य सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलकर भक्ति में लीन हो जाता है।

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