10 फरवरी 2024 को खारुन नदी किनारे बसे ठकुराइन टोला, सिकोला, तहसील पाटन में दक्षिण भारत के पीठाधीश्वर जगदगुरु रामानन्दाचार्यजी का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर शुभागमण , करेंगे मार्गदर्शन

[adsforwp id="60"]

जगदगुरु रामन्दाचार्य श्री स्वामी नरेंद्राचार्य जी महाराज नाणीज धाम रत्नागिरी महाराष्ट्र से शनिवार 10 फरवरी 2024 को खारुन नदी किनारे बसे ठकुराइन टोला, सिकोला, तहसील पाटन जिला दुर्ग मै शुभागामन हो रहा है।*
*इस एक दिवसीय कार्यक्रम में स्वामीजी का प्रवचन, दर्शन, और दर्शन के पश्चात इच्छुक भक्तो की समस्या सुनकर उन्हें मार्गदर्शन करेंगे और आशीर्वाद देंगे। समस्या मार्गदर्शन हेतु सुबह 7 से 8 मै निशुल्क पर्ची मिलेगी।*

*कार्यक्रम सुबह 9 बजे जगदगुरु श्री के प्रवचन से प्रारम्भ होगा और श्याम 5 बजे तक चलेगा।*

*जगद्गुरु नरेंद्राचार्य जी महाराज सबसे प्रखर और सक्रिय जगदगुरु माने जाते है। इन्होंने अब तक एक लाख पैसट हजार से अधिक परिवारों की विधि विधान से घर वापसी करवाई है जो समाज के मुख्य धारा से भटक गए थे।*
*नरेंद्र महाराज संस्थान द्वारा महाराष्ट्र के राष्ट्रीय राज मार्गो पर 52 एम्बुलेंस द्वारा निःशुल्क सेवा चल रही है । जिससे अभि तक लगभग 16000 लोगों की जान बचाई जा सकी है। स्वामीजी की प्रेरणा से अब तक 52 भक्तगणों ने विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेज मै देहदान किया है।इसके अलावा गरीब बच्चो के लिए निःशुल्क पाठशाला, निशुल्क वेद पाठशाला, सामाजिक उपक्रम के अंतर्गत गरीब किसान और भूमिहीन मजदूरों को हर साल तरह तरह की सहायता प्रदान कर उन्हे स्वावलंबी बनाया जाता है, ब्लड इन नीड जैसे उपक्रम से भारतीय सेना और महाराष्ट्र पुलिस को हर वर्ष रक्तदान किया जाता है।परोपकारी कार्य संचालित किए जाते है।पिछले दिनों महाराष्ट्र के भयंकर बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में जगदगुरु के आव्हान पर हजारों भक्तों ने चिपलून मै बाढ़ग्रस्त लोगों को खुले दिल से मदत पहुचाई और जीवन आवश्यक समान उपलब्ध कराया गया।
जगदगुरु रामानंदाचार्य जी हिंदू सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु और सदगुरु है। जो आत्म साक्षात्कारी है और जिन्हे स्वस्वरुप का ज्ञान है। ऐसे उच्च कोटि के प्रातः वंदनीय संतात्मा और महान विभूति का हमारे छत्तीसगढ़ के पावन धरा पर आगमन हो रहा है। जिनका दर्शन मिलना भी परम सौभाग्यशाली माना जाता है।*
सभी छत्तीसगढ़ के धर्मपरायण भक्तजनों से नम्र निवेदन है,वे इस मंगल आयोजन मै पधारकर लाभान्वित हो। स्वस्वरूप संप्रदाय के आयोजकों द्वारा उस दिन विशाल भंडारा का आयोजन भी किया गया है।

Leave a Comment