सरायपाली====== पावन ग्राम बाराडोली(बालसमुंद)में कृषक हा.से.स्कूल पाटसेंद्री के एनएसएस शिविर के पाँचवें दिन 31 दिसंबर को कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।कार्यक्रम का संचालन डॉ सुकमोती चौहान रुचि ने किया।कार्यक्रम में संस्कार साहित्य सेवा समिति के सिद्धहस्त कलमकारों ने अपनी कविताओं की शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में गजलकार परशुराम चौहान ने सुंदर मुक्तक और ग़ज़ल गायन कर सबका दिल जीत लिया, देशभक्ति गज़ल की एक पंक्ति-
“जन्म जब जब मिले गर धरा पर मुझे; हर दफा मेरा भारत वतन चाहिए”।
सहसचिव सुंदर लाल डडसेना”मधुर” ने अपनी कविता के माध्यम से माँं और छत्तीसगढ़ की महता का वर्णन निम्न पंक्तियों के माध्यम से दर्शाने की कोशिश की -महकती प्रकृति की गोद में बसा,देश की शान है;
लवकुश की जन्मस्थली,मेरा छत्तीसगढ़ महान है।
छोटा बम बड़ा धमाका कहे जाने वाले हास्य कवि मानक मगन की कविता पाठ ने दर्शकों का मन मोह लिया-“कभु मुरई पदोवत हे कभु गोंदली रोवावत हे,हरा मिरचा बढ़ा के भाव करेजा ला जरावत हे,महंगाई पर शानदार व्यंग्य सुनाया,संस्थापक धनीराम नंद मस्ताना ने मोबाइल के सदुपयोग और दुरूपयोग पर चर्चा करते हुए गीत प्रस्तुत किया “वाह रे मोबाइल तैंय लाये का जमाना,नोनी बाबू सबो तोरे रूप के दिवाना”।प्राथमिक शाला बाराडोली के प्रधान पाठक नानदाऊ पटेल ने अपनी कविता के माध्यम से ज्ञान की बात और एनएसएस की जीवन में उपयोगिता की बात बताई।अंत में मंच की अध्यक्ष डॉ सुकमोती चौहान रुचि ने “कविता क्या है? कैसे लिखते हैं ,इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा _” कविता कवियों की वाणी है, कविता माँ वीणापाणी है,कविता जन कल्याणी है।सभी कवियों का सम्मान कलम और डायरी से किया गया। इस कवि सम्मेलन में कृषक हायर सेकेण्डरी स्कूल पाटसेंद्री के शिक्षक जन्मजय पटेल,चैतन प्रसाद पटेल,गुणसागर पटेल और विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी सोमेश्वर नायक ने आभार व्यक्त करते हुए आगे भी इसी तरह के सफल आयोजन में सभी की सहभागिता की इच्छा जताई।







