गुंडरदेही में वीरेंद्र साहू की संभावित उम्मीदवारी को लेकर विरोध शुरू, सैंकड़ो युवाओं ने फूंका पुतला

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गुंडरदेही :- विगत दिनों विभिन्न समाचार पत्रों व मीडिया समूहों द्वारा छग विधानसभा चुनाव हेतु भारतीय जनता पार्टी के संभावित दावेदारों की सूची के प्रकाशन के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बालोद जिले गुंडरदेही विधानसभा में संभावित प्रत्याशी के रूप में पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू का नाम देखकर भाजपा के भीतर ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। वीरेंद्र साहू की संभावित उम्मीदवारी को लेकर भाजपा में असंतोष के स्वर उठ रहे हैं। गुरुवार को गुंडरदेही नगर के बस स्टैंड में क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में लगभग 200 युवा कार्यकर्त्ताओं ने पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू का पुतला फूँककर विरोध जताया।


कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र साहू वापस जाओ, वीरेंद्र साहू हाय हाय, निष्क्रिय विधायक नहीं चाहिए, वीरेंद्र साहू नहीं चलेगा नहीं चलेगा जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। सभी उपस्थित युवा कार्यकर्ताओं ने कहा कि साल 2008 से 2013 के बीच वीरेंद्र साहू विधायक रहे हैं और बहुत मुश्किल से लगभग ढाई हजार वोटों से जीत पाए थे। उस दौरान कार्यकर्ताओं की क्या स्थिति रही है यह सर्वविदित है। किसी भी कार्यकर्ताओं को उपकृत करने का काम उनके विधायकी कार्यकाल के दौरान नहीं हुआ। उनकी निष्क्रियता से कार्यकर्ता और आम जनता में गहरी नाराजगी थी जिसके कारण वर्ष 2013 के चुनाव में 21280 वोटों से बड़े अंतर से हारे थे। वर्ष 2013 में इतनी बड़ी हार के कारण वर्ष 2018 में उन्हें पार्टी ने टिकट देने के योग्य नहीं समझा और उन्हें टिकट नहीं दिया था लेकिन जब बड़े अंतर से हार के कारण उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था तो अभी 2023 में टिकट देने का क्या औचित्य है। अगर वीरेंद्र साहू को उम्मीदवार घोषित की जाती है तो अनेक कार्यकर्ता उन्हें प्रत्याशी के रूप में स्वीकार नहीं करेगी, यदि उनकी उम्मीदवारी तय है तो पार्टी इस पर पुनर्विचार करें और जीतने योग्य किसी अन्य योग्य उम्मीदवार को टिकट दिया जाए। पार्टी के अंदर उभर रहे असंतोष ने प्रदेश नेतृत्व को हैरत में डाल दिया है, यह भारतीय जनता पार्टी के लिए चिंता का सबब बन सकता है।

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