राजधानी लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन के बैनर आज किसानों की महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में पूरे प्रदेश से 10 हजार से ज्यादा किसान पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने भी सरकार के किए गए वादों को पूरा न करने को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों के ट्यूबेल के बिजली बिल को 1 अप्रैल 2023 से जीरो बिल करने को कहा था लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ। गन्ना किसानों का भुगतान बड़े पैमाने पर रुका हुआ है। राकेश टिकैत ने कहा कि इस समय देश में कैमरा और कलम पर बंदूक का पहरा लगा दिया गया है। राकेश टिकैत ने कहां पंजाब में किसानों के लिए फ्री बिजली मिलती है, तेलंगाना और आंध्र में भी फ्री बिजली है तो यूपी में क्यों नहीं मिल सकती है। इसके साथ ही एमएसपी गारंटी कानून को लागू करने पर जोर दिया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की महापंचायत में सरकार को आगाह किया है। उन्होंने ने कहा की उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी घोषणा पत्र में किसानों के ट्यूबेल की बिजली बिल को जीरो करने का वादा किया था। यहां तक की गन्ना किसानों के 14 दिन के भीतर भुगतान का वादा किया था। विलंब भुगतान पर ब्याज देने की बात भी कही लेकिन ब्याज तो छोड़ अब असल भी नहीं मिल रहा है। केंद्र की मोदी सरकार से एमएसपी गारंटी कानून को लागू करने को कहा था जो पूरा नहीं हुआ। अभी तो हर जिले में पंचायत हो रही है लेकिन अगर उनकी मांगों को सरकार ने पूरा नहीं किया तो अब प्रदेश व्यापी किसान आंदोलन होगा।
टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गन्ना किसानों की भुगतान का लगातार दावा कर रही है लेकिन हकीकत है कि बजाज, मोदी जैसी चीनी मीलों ने पिछले एक सालों से किसानों का पैसा रोक कर बैठी है। सरकार उनसे भुगतान भी नहीं करा पा रही है। मोदी के डिजिटल इंडिया फार्मूले पर ही किसानों का गन्ना भुगतान होना चाहिए। आवारा जानवर और जंगली जानवर के चलते किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई के लिए सरकार के पास कोई उपाय नहीं है। बाढ़ से किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। फ़सल सर्वे भी हो चुका है लेकिन अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
देशभर में बड़े पर्दे पर जवान फिल्म में उठाए गए आम आदमी और किसानों से जुड़े मुद्दे को सराहा जा रहा है। टिकैत ने भी कहा है की जवान फिल्म ही नहीं बल्कि दक्षिण की छत्रपति फिल्म में भी किसानों का मुद्दा उठाया गया है। इन फिल्म वालों ने काफी साहस भरा काम किया है लेकिन सरकार इन पर आने वाले समय में ईडी की जांच भी करा सके
दुर्ग ग्रामीण संवाददाता –एम डी युसूफ खान






